Chapter 6 · Verse 24

Path of Meditation

सङ्कल्पप्रभवान्कामांस्त्यक्त्वा सर्वानशेषतः। मनसैवेन्द्रियग्रामं विनियम्य समन्ततः
saṅkalpa-prabhavān kāmāns manasaivendriya-grāmaṁ

Word Meanings

saṅkalpa prabhavān kāmān tyaktvā sarvān aśheṣhataḥ manasā eva indriya-grāmam viniyamya samantataḥ

Translation

संकल्प (इच्छा) से पैदा होने वाली सभी कामनाओं को पूरी तरह त्यागकर, और मन के द्वारा सभी इन्द्रियों को हर तरफ से वश में करके।

Commentary

व्याख्या--[जो स्थिति कर्मफलका त्याग करनेवाले कर्मयोगीकी होती है (6। 1 9), वही स्थिति सगुणसाकार भगवान्का ध्यान करनेवालेकी (6। 14 15) तथा अपने स्वरूपका ध्यान करनेवाले ध्यानयोगीकी भी होती है (6। 18 23)। अब निर्गुण-निराकारका ध्यान करनेवालेकी भी वही स्थिति होती है--यह बतानेके लिये भगवान् आगेका प्रकरण कहते हैं।]